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ऐतिहासिक भौतिकवाद

      इतिहास की आर्थिक व्याख्या का सिद्धांत                 content परिचय समाज विकास की छः अवस्थाओं का वर्णन समाज की आर्थिक व्याख्या के निष्कर्ष आलोचना  परिचय – इतिहास की आर्थिक व्याख्या का सिद्धांत (theory of economic interpretation) अर्थात् ऐतिहासिक भौतिकवाद द्वंदात्मक भौतिकवाद के सिद्धांत को सामाजिक विकास पर […]

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द्वंदात्मक भौतिकवाद

                               CONTENT परिचय द्वंदात्मक पद्धति भौतिकवाद द्वन्दात्मक भौतिकवाद द्वन्दात्मक भौतिकवाद की विशेषताएं आलोचना मूल्यांकन परिचय –  द्वंदात्मक भौतिकवाद का सिद्धांत मार्क्स के संपूर्ण चिंतन का मूल आधार है। द्वंद का विचार मार्क्स ने हीगल से ग्रहण किया तथा भौतिकवाद का विचार […]

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हाॅब्स का व्यक्तिवाद

  हाॅब्स का व्यक्तिवाद  (Hobbes’s individualism)   हरमन का कथन है कि “यद्यपि हाॅब्स उन प्रतिबंधों को स्वीकार करता है, जिन्हें संप्रभु, व्यक्ति पर आरोपित कर सकता है तथापि उसके सिद्धांत में व्यक्तिवाद के शक्तिशाली तत्व मौजूद हैं। सेबाइन के अनुसार “लाॅक का पूर्वगामी होने के चलते हाॅब्स को पहला दार्शनिक माना जाता है, जिसके […]

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थाॅमस हाॅब्स की जीवनी

  Biography of Thomas Hobbes ( थाॅमस हाॅब्स की जीवनी)   हाॅब्स का जन्म 1588 ई. में इंग्लैंड के दक्षिणी तट पर स्थित मेम्सबरी( maimsbury) नामक नगर में हुआ था। उसके जन्म के पूर्व स्पेन की जनसेना (Armada) ने इंग्लैंड पर आक्रमण किया था। सभी लोग भयाक्रांत थे। कहा जाता है कि भय के वातावरण […]

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मानव स्वभाव संबंधी विचार

    मानव स्वभाव संबंधी विचार (views on human nature) machiavelli     मैकियावेली ने मानव स्वभाव को पतित और विकृत बताया है। उसके अनुसार मनुष्य चंचल, धोखेबाज, चंचल, लालची तथा संकट से बचने वाला होता है। वह अपने लाभ एवं स्वार्थों की पूर्ति के लिए दूसरों का साथ पकड़ता है। वह एक खास सीमा […]

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राजनीति का धर्म और नैतिकता से पृथक्करण

  राजनीति का धर्म और नैतिकता से पृथक्करण seperation of politics from religion and ethics (machiavelli)   मैकियावेली ने राजनीति को धर्म और नैतिकता से अलग किया। आधुनिक युग का आरंभ करने वाले पुनर्जागरण के प्रतिनिधि के रूप में वही सबसे पहला विचारक था, जिसने ऐसा किया। हम लोग धर्म और नैतिकता के संबंध में […]

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शिक्षा का सिद्धांत-प्लेटो

  शिक्षा का सिद्धांत (Theory of knowledge)   प्लेटो की रिपब्लिक केवल सरकार के संबंध में लिखी गई पुस्तक नहीं है, जैसा कि रूसो कहता है यह शिक्षाशास्त्र का प्रबंध ग्रंथ है। उसके सारे दर्शन का सार जैसा, कि रिपब्लिक में बताया गया है, प्राचीन यूनानी समाज में सुधार लाना था। रिपब्लिक का उद्देश्य न्याय […]

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न्याय का सिद्धांत-प्लेटो

  न्याय का सिद्धांत (theory of justice)   ग्रीक राजनीतिक चिंतन के इतिहास में प्लेटो एक उच्च कोटि के आदर्शवादी राजनीतिक विचारक तथा नैतिकता के एक महान पुजारी थे। चूंकि सुकरात की मृत्यु से प्लेटो का ह्रदय लोकतंत्र से भर गया था। अतः अपनी न्याय धारणा के आधार पर प्लेटो एक शासनतंत्र की कल्पना करने […]

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सामाजिक समझौता सिद्धांत-हाब्स

थॉमस  हाब्स  का  जन्म  वेस्टपोर्ट  (इंग्लैंड)  में  1588  में  हुआ  था।  उसके  जीवन  में  घटित  होने वाली  घटनाओं  का  प्रभाव  उस  पर  सबसे  अधिक  पड़ा।  जब  वह  छोटा  था  तभी  से  इंग्लैंड  में  गृह  युद्ध  प्रारंभ  हो  चुके  थे।  उस  पर  सबसे  अधिक  प्रभाव  इंग्लैंड  के  युद्ध  का  ही  पड़ा।  उसने 1651  में  लेवायथन  नामक  […]